09/02/2026
नया घर बनाना हर किसी का सपना होता है, लेकिन नींव रखने से पहले लागत के बारे में सोचा जाता है। इस दौरान बड़ा सवाल आता है कि लाल मिट्टी वाली ईंट का इस्तेमाल करें या फ्लाई ऐश ईंट का।पुराने समय से लाल ईंटों का चलन रहा है, लेकिन सिविल इंजीनियर मुकेश भुसारे के अनुसार, फ्लाई ऐश ईंटें अब एक मजबूत और किफायती ऑप्शन बनकर ऊभर रही हैं।
फ्लाई ऐश ईंटें न केवल लाल ईंटों से अधिक मजबूत हैं, बल्कि पानी भी कम सोखती हैं, जिससे भविष्य में दीवारों से प्लास्टर झड़ने या सीलन की समस्या नहीं होती है। लाल मिट्टी वाली ईंट और फ्लाई ऐश ईंट में अंतर जानने के बाद आप खुद समझ जाएंगे कि कौनसी वाली सबसे बढ़िया और किसे लगाने से घर बनाने में लागत कम आएगी।
बजट और बचत
अगर कुल लागत की बात करें, तो फ्लाई ऐश ईंटें ज्यादा किफायती साबित होती हैं। भले ही इनकी प्रति ईंट कीमत लाल ईंट के आसपास हो, लेकिन इनके इस्तेमाल से मसाले की बचत होती है, प्लास्टर कम लगता है और ईंटों की बर्बादी कम होती है। सिविल इंजीनियर के अनुसार, फ्लाई ऐश ईंटों का सिलेक्शन करने से घर बनाने की कुल लागत में अच्छी-खासी बचत कर सकते हैं।
मज़बूती और स्ट्रेंथ
किसी भी निर्माण में ईंट की कंप्रेसिव स्ट्रेंथ सबसे जरूरी होती है। सिविल इंजीनियर के अनुसार, फ्लाई ऐश ईंटों की स्ट्रेंथ लाल मिट्टी वाली ईंटों की तुलना में अधिक होती है। लाल ईंटें अक्सर भट्टी में पकने के दौरान एक जैसी मजबूती नहीं ले पातीं, जबकि फ्लाई ऐश ईंटें मशीन से बनाई जाती हैं, जिससे उनकी भार सहने की क्षमता ज्यादा और एकसमान होती है।
पानी सोखने की क्षमता
लाल मिट्टी वाली ईंटें पानी बहुत अधिक पीती हैं। जब दीवार पर प्लास्टर किया जाता है, तो ये ईंटें प्लास्टर का पानी सोख लेती हैं, जिससे प्लास्टर कमजोर हो जाता है और भविष्य में झड़ने लगता है। जबकि फ्लाई ऐश ईंटें बहुत कम पानी सोखती हैं। इससे प्लास्टर की पकड़ मजबूत रहती है और सीलन का खतरा काफी कम हो जाता है।