09/04/2025
भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति थे और आधुनिक भारत के प्रमुख निर्माता थे, जो एक धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी और औद्योगिक राष्ट्र के अपने दृष्टिकोण के लिए जाने जाते थे।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा:
उनका जन्म 14 नवम्बर 1889 को इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में हुआ था।
उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा घर पर ही निजी शिक्षकों से प्राप्त की।
उन्होंने इंग्लैंड में हैरो स्कूल और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में अध्ययन किया, जहां उन्होंने प्राकृतिक विज्ञान में डिग्री हासिल की और बाद में बैरिस्टर के रूप में योग्यता प्राप्त की।
राजनीतिक कैरियर और स्वतंत्रता संग्राम:
1912 में भारत लौट आये और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल हो गये।
महात्मा गांधी से प्रेरित होकर वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो गए और विभिन्न सविनय अवज्ञा अभियानों में भाग लिया।
अपनी राजनीतिक गतिविधियों के कारण उन्हें कई बार जेल जाना पड़ा।
भारत छोड़ो आंदोलन और भारतीय स्वतंत्रता के लिए वार्ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भारत के प्रधान मंत्री:
15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता के बाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री बने।
स्वतंत्रता के चुनौतीपूर्ण प्रारंभिक वर्षों में राष्ट्र का नेतृत्व किया, राष्ट्र निर्माण, सामाजिक और आर्थिक सुधार तथा विदेश नीति पर ध्यान केंद्रित किया।
एक धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी और औद्योगिक भारत की वकालत की।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) सहित अनेक शैक्षणिक और औद्योगिक संस्थानों की स्थापना की।
विदेश नीति में गुटनिरपेक्षता की नीति अपनाई, शीत युद्ध के दौरान तटस्थता बनाए रखने का प्रयास किया।
उनका जन्मदिन भारत में बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो बच्चों के प्रति उनके गहरे स्नेह को दर्शाता है, जिसके कारण वे प्यार से "चाचा नेहरू" के नाम से जाने जाते थे।
परंपरा:
नेहरू की दूरदृष्टि और नेतृत्व ने स्वतंत्रता के बाद भारत की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्हें आधुनिक भारत के प्रमुख निर्माता तथा धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद और वैज्ञानिक प्रगति के समर्थक के रूप में याद किया जाता है।
27 मई 1964 को निधन हो गया।
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